खबरि लेन हम पठए नाथा
खबरि लेन हम पठए नाथा
चौपाई ४, दोहा २७२ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
खबरि लेन हम पठए नाथा। तिन्ह कहि अस महि नायउ माथा॥ साथ किरात छ सातक दीन्हे। मुनिबर तुरत बिदा चर कीन्हे॥ ४ ॥
अर्थ
तब हे नाथ! हमें खबर लेने के लिए भेजा। उन्होंने ऐसा कहकर पृथ्वी पर सिर नवाया। मुनिवर ने तुरत छह-सात किरात साथ दिए और दूतों को तुरंत विदा कर दिया।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २७२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा जनक का चित्रकूट आगमन और कोल-किरात सहित सभी का प्रेमपूर्ण मिलन का वर्णन है।
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जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन