करि बिलाप सब रोवहिं रानी
करि बिलाप सब रोवहिं रानी
चौपाई ४, दोहा १५३ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
करि बिलाप सब रोवहिं रानी। महा बिपति किमि जाइ बखानी॥ सुनि बिलाप दुखहू दुखु लागा। धीरजहू कर धीरजु भागा॥ ४ ॥
अर्थ
सब रानियाँ विलाप करके रो रही हैं। उस महान् विपत्ति का कैसे वर्णन किया जाय? उस समय के विलाप को सुनकर दुःख को भी दुःख लगा और धीरज का भी धीरज भाग गया!
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ-सुमंत्र संवाद और दशरथ का देहावसान” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १५३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुमंत्र-दशरथ संवाद और राम-वियोग में दशरथ का देहावसान का वर्णन है।
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दशरथ-सुमंत्र संवाद और दशरथ का देहावसान