जौं ए मुनि पट धर जटिल
जौं ए मुनि पट धर जटिल
दोहा ११९ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
जौं ए मुनि पट धर जटिल सुंदर सुठि सुकुमार। बिबिध भाँति भूषन बसन बादि किए करतार॥ ११९ ॥
अर्थ
जो ये सुन्दर और अत्यन्त सुकुमार होकर मुनियों के (बल्कल) वस्त्र पहनते और जटा धारण करते हैं, तो फिर करतार ने भाँति-भाँति के गहने और कपड़े वृथा ही बनाये।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “यमुना को प्रणाम, वनवासियों का प्रेम” प्रकरण का दोहा ११९ है। इस प्रकरण में यमुना-प्रणाम और मार्ग में वनवासियों व ग्रामवासियों के प्रेममय दर्शन का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
यमुना को प्रणाम, वनवासियों का प्रेम