जब सिय कानन देखि डेराई
जब सिय कानन देखि डेराई
चौपाई २, दोहा ८२ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
जब सिय कानन देखि डेराई। कहेहु मोरि सिख अवसरु पाई॥ सासु ससुर अस कहेउ सँदेसू। पुत्रि फिरिअ बन बहुत कलेसू॥ २ ॥
अर्थ
जब सीता वन को देखकर डरें, तब मौका पाकर मेरी यह सीख उनसे कहना कि सासु-ससुर ने ऐसा संदेश कहा है—हे पुत्री! तुम वन से लौट आओ, वन में बहुत क्लेश हैं।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “वनगमन, नगरवासियों को छोड़कर आगे बढ़ना” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ८२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के वनगमन और नगरवासियों को सोता छोड़कर आगे बढ़ने का वर्णन है।
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वनगमन, नगरवासियों को छोड़कर आगे बढ़ना