एहि प्रकार गत बासर सोऊ

चौपाई २, दोहा २७३ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि प्रकार गत बासर सोऊ। प्रात नहान लाग सबु कोऊ॥ करि मज्जनु पूजहिं नर नारी। गनप गौरि तिपुरारि तमारी॥ २ ॥

अर्थ

इस प्रकार वह दिन भी बीत गया। प्रातः स्नान करने सब कोई लगे। स्नान करके नर-नारी गणेशजी, गौरीजी, त्रिपुरारि और सूर्यभगवान् की पूजा करते हैं।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २७३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा जनक का चित्रकूट आगमन और कोल-किरात सहित सभी का प्रेमपूर्ण मिलन का वर्णन है।

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जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन