एहि बिधि आइ बिलोकी बेनी

चौपाई ३, दोहा १०६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि बिधि आइ बिलोकी बेनी। सुमिरत सकल सुमंगल देनी॥ मुदित नहाइ कीन्हि सिव सेवा। पूजि जथाबिधि तीरथ देवा॥ ३ ॥

अर्थ

इस प्रकार श्रीराम ने आकर त्रिवेणी का दर्शन किया, जो स्मरण करने से ही सब सुमंगलों को देनेवाली है। फिर आनन्दपूर्वक स्नान करके शिवजी की सेवा की और विधिपूर्वक तीर्थदेवताओं का पूजन किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १०६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।

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प्रयाग में भरद्वाज से भेंट