दीन्हि असीस मुनीस उर अति अनंदु
दीन्हि असीस मुनीस उर अति अनंदु
दोहा १०६ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
दीन्हि असीस मुनीस उर अति अनंदु अस जानि। लोचनगोचर सुकृत फल मनहुँ किए बिधि आनि॥ १०६ ॥
अर्थ
मुनीश्वर भरद्वाजजी ने आशीर्वाद दिया। उनके हृदय में ऐसा जानकर अत्यन्त आनन्द हुआ कि आज विधाता ने [ श्रीसीताजी और लक्ष्मणजी सहित प्रभु श्रीरामचन्द्रजी के दर्शन कराकर] मानो हमारे सम्पूर्ण पुण्यों के फल को लाकर आँखों के सामने कर दिया।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का दोहा १०६ है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।
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प्रयाग में भरद्वाज से भेंट