भूरि भाग भाजनु भयहु मोहि समेत
भूरि भाग भाजनु भयहु मोहि समेत
दोहा ७४ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
भूरि भाग भाजनु भयहु मोहि समेत बलि जाउँ। जौं तुम्हरें मन छाड़ि छलु कीन्ह राम पद ठाउँ॥ ७४ ॥
अर्थ
मैं बलिहारी जाती हूँ; [हे पुत्र!] मेरे समेत तुम बड़े ही सौभाग्य के भाजन हुए, जो तुम्हारे मन ने छल छोड़कर श्रीरामजी के चरणों में स्थान पाया है।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद” प्रकरण का दोहा ७४ है। इस प्रकरण में लक्ष्मण को सुमित्रा की राम-सीता सेवा हेतु प्रेरणा और आशीर्वाद का वर्णन है।
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श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद