बामदेउ बसिष्ठ तब आए

चौपाई ४, दोहा १६९ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

बामदेउ बसिष्ठ तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए॥ मुनि बहु भाँति भरत उपदेसे। कहि परमारथ बचन सुदेसे॥ ४ ॥

अर्थ

तब वामदेवजी और वसिष्ठजी आये। उन्होंने सब मन्त्रियों तथा महाजनोंको बुलवाया। फिर मुनि वसिष्ठजीने परमार्थके सुन्दर समयानुकूल वचन कहकर बहुत प्रकारसे भरतजीको उपदेश दिया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरत-कौसल्या संवाद और दशरथ की अंत्येष्टि” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १६९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरत-कौसल्या मिलन, करुण संवाद और गुरु वसिष्ठ के मार्गदर्शन में दशरथ की अंत्येष्टि का वर्णन है।

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भरत-कौसल्या संवाद और दशरथ की अंत्येष्टि