अवध उजारि कीन्हि कैकेईं
अवध उजारि कीन्हि कैकेईं
चौपाई ५, दोहा २९ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
अवध उजारि कीन्हि कैकेईं। दीन्हिसि अचल बिपति कै नेईं॥ ५ ॥
अर्थ
कैकेयी ने अवध को उजाड़ कर दिया और विपत्ति की अचल (सुदृढ़) नींव डाल दी।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा २९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में दशरथ-कैकेयी संवाद, दो वरों की माँग और सुमंत्र द्वारा श्रीराम को महल में बुलाने का वर्णन है।
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दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना