अति लघु बात लागि दुखु पावा
अति लघु बात लागि दुखु पावा
चौपाई ४, दोहा ४५ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
अति लघु बात लागि दुखु पावा। काहुँ न मोहि कहि प्रथम जनावा॥ देखि गोसाइँहि पूँछिउँ माता। सुनि प्रसंगु भए सीतल गाता॥ ४ ॥
अर्थ
इस अत्यन्त तुच्छ बात के लिये आपने इतना दुःख पाया। मुझे किसी ने पहले कहकर यह बात नहीं जनायी। स्वामी (आप) को इस दशा में देखकर मैंने माता से पूछा। उनसे सारा प्रसंग सुनकर मेरे सब अंग शीतल हो गये (मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई)।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ४५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-दशरथ संवाद, अयोध्या का विषाद और कैकेयी को मनाने का असफल प्रयास का वर्णन है।
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राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना