अस कहि राम गवनु तब कीन्हा
अस कहि राम गवनु तब कीन्हा
चौपाई ३, दोहा ४६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
अस कहि राम गवनु तब कीन्हा। भूप सोक बस उतरु न दीन्हा॥ नगर ब्यापि गइ बात सुतीछी। छुअत चढ़ी जनु सब तन बीछी॥ ३ ॥
अर्थ
ऐसा कहकर तब श्रीरामचन्द्रजी वहाँ से चल दिये। राजा ने शोकवश कोई उत्तर नहीं दिया। वह बहुत ही तीखी (अप्रिय) बात नगर भर में इतनी जल्दी फैल गयी मानो डंक मारते ही बिच्छू का विष सारे शरीर में चढ़ गया हो।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ४६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-दशरथ संवाद, अयोध्या का विषाद और कैकेयी को मनाने का असफल प्रयास का वर्णन है।
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राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना