अस कहि लखन ठाउँ देखरावा
अस कहि लखन ठाउँ देखरावा
चौपाई ३, दोहा १३३ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
अस कहि लखन ठाउँ देखरावा। थलु बिलोकि रघुबर सुखु पावा॥ रमेउ राम मनु देवन्ह जाना। चले सहित सुर थपति प्रधाना॥ ३ ॥
अर्थ
ऐसा कहकर लक्ष्मणजी ने स्थान दिखलाया। स्थान को देखकर श्रीरामचन्द्रजी ने सुख पाया। जब देवताओं ने जाना कि श्रीरामचन्द्रजी का मन यहाँ रम गया तब वे देवताओं के प्रधान स्थपति (मकान बनानेवाले) विश्वकर्मा को साथ लेकर चले।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १३३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चित्रकूट में श्रीराम के निवास और कोल-भीलों की प्रेमपूर्ण सेवा का वर्णन है।
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चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा