तहँ पुनि सकल देव मुनि आए
तहँ पुनि सकल देव मुनि आए
चौपाई २, दोहा ४१ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
तहँ पुनि सकल देव मुनि आए। अस्तुति करि निज धाम सिधाए॥ बैठे परम प्रसन्न कृपाला। कहत अनुज सन कथा रसाला॥ २ ॥
अर्थ
फिर वहाँ सब देवता और मुनि आये और स्तुति करके अपने धाम को चले गये। कृपालु श्रीरामजी परम प्रसन्न बैठे हुए छोटे भाई लक्ष्मणजी से रसीली कथाएँ कह रहे हैं।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “शबरी पर कृपा, नवधा भक्ति” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शबरी पर प्रभु की कृपा, नवधा भक्ति उपदेश और पंपासर प्रस्थान का वर्णन है।
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शबरी पर कृपा, नवधा भक्ति