तब खिसिआनि राम पहिं गई

चौपाई १०, दोहा १७ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

तब खिसिआनि राम पहिं गई। रूप भयंकर प्रगटत भई॥ सीतहि सभय देखि रघुराई। कहा अनुज सन सयन बुझाई॥ १० ॥

अर्थ

तब वह खिसियायी हुई (क्रुद्ध होकर) श्रीरामजी के पास गयी और उसने अपना भयंकर रूप प्रकट किया। सीताजी को भयभीत देखकर श्रीरघुनाथजी ने लक्ष्मणजी को इशारा देकर कहा।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “पंचवटी निवास और राम-लक्ष्मण संवाद” प्रकरण का चौपाई १०, दोहा १७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पंचवटी निवास में श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को ज्ञान, वैराग्य, माया और भक्ति के उपदेश का वर्णन है।

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पंचवटी निवास और राम-लक्ष्मण संवाद