पुनि लछिमन उपदेस अनूपा

चौपाई २, दोहा ६६ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

पुनि लछिमन उपदेस अनूपा। सूपनखा जिमि कीन्हि कुरूपा॥ खर दूषन बध बहुरि बखाना। जिमि सब मरमु दसानन जाना॥ २ ॥

अर्थ

और फिर जैसे लक्ष्मणजी को अनुपम उपदेश दिया और शूर्पणखा को कुरूप किया, वह सब वर्णन किया। फिर खर-दूषण-वध और जिस प्रकार रावण ने सब समाचार जाना, वह बखानकर कहा।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ६६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।

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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा