निसिचर निकर मरन बिधि नाना
निसिचर निकर मरन बिधि नाना
चौपाई १, दोहा ६८ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
निसिचर निकर मरन बिधि नाना। रघुपति रावन समर बखाना॥ रावन बध मंदोदरि सोका। राज बिभीषन देव असोका॥ १ ॥
अर्थ
नाना प्रकार के राक्षस-समूहों के मरण तथा श्रीरघुनाथजी और रावण के अनेक प्रकार के युद्ध का वर्णन किया। रावणवध, मन्दोदरी का शोक, विभीषण का राज्याभिषेक और देवताओं का शोकरहित होना कहकर।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ६८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।
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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा