जेहि बिधि राम नगर निज आए

चौपाई ३, दोहा ६८ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

जेहि बिधि राम नगर निज आए। बायस बिसद चरित सब गाए॥ कहेसि बहोरि राम अभिषेका। पुर बरनत नृपनीति अनेका॥ ३ ॥

अर्थ

जिस प्रकार श्रीरामचन्द्रजी अपने नगर (अयोध्या) में आये, वे सब उज्ज्वल चरित्र काकभुशुण्डिजी ने विस्तारपूर्वक वर्णन किये। फिर उन्होंने श्रीरामजी का राज्याभिषेक कहा। [शिवजी कहते हैं--] अयोध्यापुरी का और अनेक प्रकार की नीतियों का वर्णन करते हुए--।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ६८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।

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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा