बड़ें भाग मानुष तनु पावा

चौपाई ४, दोहा ४३ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

बड़ें भाग मानुष तनु पावा। सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा॥ साधन धाम मोच्छ कर द्वारा। पाइ न जेहिं परलोक सँवारा॥ ४ ॥

अर्थ

बड़े भाग्य से यह मनुष्य शरीर मिला है। सब ग्रन्थों ने यही कहा है कि यह शरीर देवताओं को भी दुर्लभ है (कठिनता से मिलता है)। यह साधन का धाम और मोक्ष का द्वार है। इसे पाकर भी जिसने परलोक न सँवारा,

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “राम का प्रजा को उपदेश” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ४३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा प्रजा को धर्म, वैराग्य और भक्ति का उपदेश तथा पुरवासियों की कृतज्ञता का वर्णन है।

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राम का प्रजा को उपदेश