तब मधुबन भीतर सब आए
तब मधुबन भीतर सब आए
चौपाई ४, दोहा २८ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
तब मधुबन भीतर सब आए। अंगद संमत मधु फल खाए॥ रखवारे जब बरजन लागे। मुष्टि प्रहार हनत सब भागे॥ ४ ॥
अर्थ
तब सब लोग मधुवन के भीतर आये और अंगद की सम्मति से सब ने मधुर फल [या मधु और फल] खाये। जब रखवाले बरजने लगे, तब घूँसों की मार मारते ही सब रखवाले भाग छूटे।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “हनुमानजी का लौटना और राम को संदेश” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी का समुद्र पार लौटना, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन और श्रीराम को सीता का संदेश व चूड़ामणि अर्पण का वर्णन है।
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हनुमानजी का लौटना और राम को संदेश