तब रावन मयसुता उठाई

चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

तब रावन मयसुता उठाई। कहै लाग खल निज प्रभुताई॥ सुनु तैं प्रिया बृथा भय माना। जग जोधा को मोहि समाना॥ १ ॥

अर्थ

तब रावण ने मन्दोदरी को उठाया और वह दुष्ट उससे अपनी प्रभुता कहने लगा-हे प्रिये! सुन, तूने व्यर्थ ही भय मान रखा है। बता तो जगत् में मेरे समान योद्धा है कौन?।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का रावण को उपदेश” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को सीता-वापसी का उपदेश और रावण-प्रहस्त संवाद का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
मंदोदरी का रावण को उपदेश