सुनि कपीस बहु दूत पठाए

चौपाई ३, दोहा २ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

सुनि कपीस बहु दूत पठाए। मुनिबर सकल बोलि लै आए॥ लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा॥ ३ ॥

अर्थ

श्रीरामजी के वचन सुनकर वानरराज सुग्रीव ने बहुत-से दूत भेजे, जो सब श्रेष्ठ मुनियों को बुलाकर ले आये। शिवलिंग की स्थापना करके विधिपूर्वक उसका पूजन किया। [फिर भगवान् बोले--] शिवजी के समान मुझको दूसरा कोई प्रिय नहीं है।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “सेतु निर्माण और रामेश्वर स्थापना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में नल-नील द्वारा सेतु निर्माण और श्रीरामेश्वर की स्थापना का वर्णन है।

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सेतु निर्माण और रामेश्वर स्थापना