सुनि दुर्बचन कालबस जाना

चौपाई ५, दोहा ९० के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

सुनि दुर्बचन कालबस जाना। बिहँसि बचन कह कृपानिधाना॥ सत्य सत्य सब तव प्रभुताई। जल्पसि जनि देखाउ मनुसाई॥ ५ ॥

अर्थ

रावण के दुर्वचन सुनकर और उसे कालवश जानकर कृपानिधान श्रीरामजी ने हँसकर यह वचन कहा-तुम्हारी सारी प्रभुता, जैसा तुम कहते हो, बिल्कुल सच है। पर अब व्यर्थ बकवाद न करो, अपना पुरुषार्थ दिखलाओ।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ९० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में इंद्र के दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्रीराम और रावण का घोर युद्ध का वर्णन है।

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इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध