सुनहु नील अंगद हनुमाना

चौपाई १, दोहा २३ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

सुनहु नील अंगद हनुमाना। जामवंत मतिधीर सुजाना॥ सकल सुभट मिलि दच्छिन जाहू। सीता सुधि पूँछेहु सब काहू॥ १ ॥

अर्थ

हे धीरबुद्धि और चतुर नील, अंगद, जाम्बवान् और हनुमान्! तुम सब श्रेष्ठ योद्धा मिलकर दक्षिण दिशाओं में जाओ और सब किसी से सीताजी का पता पूछना।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “सुग्रीव-राम संवाद और वानरों का प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुग्रीव-राम संवाद और सीताजी की खोज हेतु वानर दलों का चारों दिशाओं में प्रस्थान का वर्णन है।

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सुग्रीव-राम संवाद और वानरों का प्रस्थान