राम बालि निज धाम पठावा
राम बालि निज धाम पठावा
चौपाई १, दोहा ११ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड
चौपाई पाठ
राम बालि निज धाम पठावा। नगर लोग सब ब्याकुल धावा॥ नाना बिधि बिलाप कर तारा। छूटे केस न देह सँभारा॥ १ ॥
अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने बालि को अपने परम धाम भेज दिया। नगर के सब लोग व्याकुल होकर दौड़े। बालि की स्त्री तारा अनेकों प्रकार से विलाप करने लगी। उसके बाल बिखरे हुए हैं और देह की सँभाल नहीं है।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “तारा का विलाप, सुग्रीव का राज्याभिषेक” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ११ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में तारा के विलाप पर श्रीराम के उपदेश, सुग्रीव का राज्याभिषेक और अंगद को युवराज पद का वर्णन है।
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तारा का विलाप, सुग्रीव का राज्याभिषेक