मम लोचन गोचर सोइ आवा

चौपाई ३, दोहा १० के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

मम लोचन गोचर सोइ आवा। बहुरि कि प्रभु अस बनिहि बनावा॥ ३ ॥

अर्थ

वह श्रीरामजी स्वयं मेरे नेत्रों के सामने आ गये हैं। हे प्रभो! ऐसा संयोग क्या फिर कभी बन पड़ेगा ?।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में बालि-सुग्रीव युद्ध, राम द्वारा बालि वध, और बालि को परम गति की प्राप्ति का वर्णन है।

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बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार