उद्भव स्थिति संहार कारिणीं
उद्भव स्थिति संहार कारिणीं
श्लोक ५ · बालकाण्ड
श्लोक पाठ
उद्भवस्थितिसंहारकारिणीं क्लेशहारिणीम्। सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोऽहं रामवल्लभाम्॥ ५ ॥
अर्थ
उत्पत्ति, स्थिति (पालन) और संहार करनेवाली, क्लेशोंकी हरनेवाली तथा सम्पूर्ण कल्याणोंकी करनेवाली श्रीरामचन्द्रजीकी प्रियतमा श्रीसीताजीको मैं नमस्कार करता हूँ।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “मंगलाचरण” प्रकरण का श्लोक ५ है। इस प्रकरण में तुलसीदास द्वारा सरस्वती, गणेश, भवानी-शंकर, गुरु और श्रीराम की वंदना एवं दिव्य कृपा की याचना का वर्णन है।
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मंगलाचरण