सिसु सब राम प्रेमबस जाने
सिसु सब राम प्रेमबस जाने
चौपाई १, दोहा २२५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सिसु सब राम प्रेमबस जाने। प्रीति समेत निकेत बखाने॥ निज निज रुचि सब लेहिं बोलाई। सहित सनेह जाहिं दोउ भाई॥ १ ॥
अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने सब बालकों को प्रेम के वश जानकर [यज्ञभूमि के] स्थानों की प्रेमपूर्वक प्रशंसा की। [इससे बालकों का उत्साह, आनन्द और प्रेम और भी बढ़ गया, जिससे] वे सब अपनी-अपनी रुचि के अनुसार उन्हें बुला लेते हैं और [प्रत्येक के बुलाने पर] दोनों भाई प्रेम सहित उनके पास चले जाते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २२५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण