समय सुहावनि गारि बिराजा

चौपाई ४, दोहा ३२९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

समय सुहावनि गारि बिराजा। हँसत राउ सुनि सहित समाजा॥ एहि बिधि सबहीं भोजनु कीन्हा। आदर सहित आचमनु दीन्हा॥ ४ ॥

अर्थ

समय की सुहावनी गाली शोभित हो रही है। उसे सुनकर समाज सहित राजा दशरथजी हँस रहे हैं। इस रीति से सभी ने भोजन किया और तब सबको आदर सहित आचमन (हाथ-मुँह धोने के लिए जल) दिया गया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३२९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

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श्रीसीता-राम विवाह