रामु लखनु दोउ बंधुबर रूप सील

दोहा २१६ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

रामु लखनु दोउ बंधुबर रूप सील बल धाम। मख राखेउ सबु साखि जगु जिते असुर संग्राम॥ २१६ ॥

अर्थ

ये राम और लक्ष्मण दोनों श्रेष्ठ भाई रूप, शील और बल के धाम हैं। सारा जगत् साक्षी है कि इन्होंने यज्ञ की रक्षा की है और युद्ध में असुरों को जीत लिया है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “राम-लक्ष्मण को देख जनक मुग्ध” प्रकरण का दोहा २१६ है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण के मनोहर रूप को देख जनकजी की प्रेममुग्धता और ब्रह्मसुख-विस्मृति का वर्णन है।

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राम-लक्ष्मण को देख जनक मुग्ध