मुनि आगमन सुना जब राजा

चौपाई १, दोहा २०७ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

मुनि आगमन सुना जब राजा। मिलन गयउ लै बिप्र समाजा॥ करि दंडवत मुनिहि सनमानी। निज आसन बैठारेन्हि आनी॥ १ ॥

अर्थ

राजा ने जब मुनि का आगमन सुना, तब वे ब्राह्मणों के समाज को साथ लेकर मिलने गये और दण्डवत् करके मुनि का सम्मान करते हुए उन्हें लाकर अपने आसन पर बैठाया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का राम-लक्ष्मण माँगना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २०७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विश्वामित्र द्वारा यज्ञ-रक्षा हेतु राम-लक्ष्मण को माँगने और दशरथ द्वारा वशिष्ठ की सम्मति से उन्हें भेजने का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
विश्वामित्र का राम-लक्ष्मण माँगना