लखन कहा हँसि हमरें जाना

चौपाई १, दोहा २७२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

लखन कहा हँसि हमरें जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना॥ का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें॥ १ ॥

अर्थ

लक्ष्मणजी ने हँसकर कहा--हे देव! सुनिये, हमारे जान में तो सभी धनुष एक-से ही हैं। पुराने धनुष के तोड़ने में क्या हानि-लाभ! श्रीरामचन्द्रजी ने तो इसे नवीन के धोखे से देखा था।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २७२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद