कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा
कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा
चौपाई ४, दोहा १५७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा। भागि पैठ गिरिगुहाँ गभीरा॥ अगम देखि नृप अति पछिताई। फिरेउ महाबन परेउ भुलाई॥ ४ ॥
अर्थ
राजा को बड़ा धैर्यवान् देखकर, सूअर भागकर पहाड़ की एक गहरी गुफा में जा घुसा। उसमें जाना कठिन देखकर राजा को बहुत पछताकर लौटना पड़ा; पर उस घोर वन में वह रास्ता भूल गया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १५७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा