जिन्ह जानकी राम छबि देखी
जिन्ह जानकी राम छबि देखी
चौपाई ३, दोहा ३१० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
जिन्ह जानकी राम छबि देखी। को सुकृती हम सरिस बिसेषी॥ पुनि देखब रघुबीर बिआहू। लेब भली बिधि लोचन लाहू॥ ३ ॥
अर्थ
और जिन्होंने जानकीजी और श्रीरामचन्द्रजी की छबि देखी है, हमारे-सरीखा विशेष पुण्यात्मा कौन होगा! और अब हम श्रीरघुबीरजी का विवाह देखेंगे और भली भाँति नेत्रों का लाभ लेंगे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “बारात का जनकपुर में स्वागत” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३१० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या की बारात का जनकपुर में हर्षपूर्ण स्वागत और मंगल आयोजन का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
बारात का जनकपुर में स्वागत