जागबलिक जो कथा सुहाई

चौपाई १, दोहा ३० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

जागबलिक जो कथा सुहाई। भरद्वाज मुनिबरहि सुनाई॥ कहिहउँ सोइ संबाद बखानी। सुनहुँ सकल सज्जन सुखु मानी॥ १ ॥

अर्थ

मुनि याज्ञवल्क्यजी ने जो सुहावनी कथा मुनिश्रेष्ठ भरद्वाजजी को सुनायी थी, उसी संवाद को मैं बखानकर कहूँगा; सब सज्जन सुख का अनुभव करते हुए उसे सुनें।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ३० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम के गुण, चरित्र और रामकथा की पवित्रता एवं मुक्तिदायक महिमा का वर्णन है।

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श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा