एहूँ मिस देखौं पद जाई

चौपाई ४, दोहा २०६ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

एहूँ मिस देखौं पद जाई। करि बिनती आनौं दोउ भाई॥ ग्यान बिराग सकल गुन अयना। सो प्रभु मैं देखब भरि नयना॥ ४ ॥

अर्थ

इसी बहाने जाकर मैं उनके पदों का दर्शन करूँ और विनती करके दोनों भाइयों को ले आऊँ। [अहा!] जो ज्ञान, वैराग्य और सब गुणों के धाम हैं, उन प्रभु को मैं नेत्र भरकर देखूँगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २०६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के मंगलमय प्राकट्य और आनंदमयी बाललीलाओं का वर्णन है।

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श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला