देव दनुज भूपति भट नाना

चौपाई १, दोहा २८४ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

देव दनुज भूपति भट नाना। समबल अधिक होउ बलवाना॥ जौं रन हमहि पचारै कोऊ। लरहिं सुखेन कालु किन होऊ॥ १ ॥

अर्थ

देवता, दैत्य, राजा या और बहुत-से योद्धा, वे चाहे बल में हमारे बराबर हों, चाहे अधिक बलवान हों, यदि रण में हमें कोई भी ललकारे तो हम उससे सुखपूर्वक लड़ेंगे, चाहे काल ही क्यों न हो?

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २८४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद