देखि राम छबि कोउ एक कहई

चौपाई १, दोहा २२२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

देखि राम छबि कोउ एक कहई। जोगु जानकिहि यह बरु अहई॥ जौं सखि इन्हहि देख नरनाहू। पन परिहरि हठि करइ बिबाहू॥ १ ॥

अर्थ

श्रीरामचन्द्रजी की छबि देखकर कोई एक (दूसरी सखी) कहने लगी—यह वर जानकी के योग्य है। हे सखी! यदि कहीं राजा इन्हें देख ले, तो प्रतिज्ञा छोड़कर हठपूर्वक इन्हीं से विवाह कर देगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २२२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण