अब सब बिप्र बोलाइ गोसाईं

चौपाई ४, दोहा ३३० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

अब सब बिप्र बोलाइ गोसाईं। देहु धेनु सब भाँति बनाईं॥ सुनि गुर करि महिपाल बड़ाई। पुनि पठए मुनिबृंद बोलाई॥ ४ ॥

अर्थ

हे स्वामिन्‌! अब सब ब्राह्मणों को बुलाकर उनको सब तरह [गहनों-कपड़ों] से सजी हुई गायें दीजिये। यह सुनकर गुरुजी ने राजा की बड़ाई करके फिर मुनिगणों को बुलवा भेजा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३३० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

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श्रीसीता-राम विवाह