आपु बिरचि उपरोहित रूपा
आपु बिरचि उपरोहित रूपा
चौपाई १, दोहा १७२ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
आपु बिरचि उपरोहित रूपा। परेउ जाइ तेहि सेज अनूपा॥ जागेउ नृप अनभएँ बिहाना। देखि भवन अति अचरजु माना॥ १ ॥
अर्थ
वह आप पुरोहित का रूप बनाकर उसकी सुन्दर सेज पर जा लेटा। राजा सबेरा होने से पहले ही जागा और अपना घर देखकर उसने बड़ा ही आश्चर्य माना।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १७२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा