सरगु नरकु अपबरगु समाना

चौपाई ४, दोहा १३१ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सरगु नरकु अपबरगु समाना। जहँ तहँ देख धरें धनु बाना॥ करम बचन मन राउर चेरा। राम करहु तेहि कें उर डेरा॥ ४ ॥

अर्थ

स्वर्ग, नरक और मोक्ष जिसकी दृष्टिमें समान हैं, क्योंकि वह जहाँ-तहाँ (सब जगह) केवल धनुष-बाण धारण किये आपको ही देखता है; और जो कर्मसे, वचनसे और मनसे आपका दास है, हे रामजी! आप उसके हृदयमें डेरा कीजिये।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १३१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम और महर्षि वाल्मीकि का मिलन तथा प्रभु के सच्चे निवास का आध्यात्मिक उपदेश का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद