राम बिरह ब्याकुल भरतु सानुज सहित
राम बिरह ब्याकुल भरतु सानुज सहित
दोहा २१३ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
राम बिरह ब्याकुल भरतु सानुज सहित समाज। पहुनाई करि हरहु श्रम कहा मुदित मुनिराज॥ २१३ ॥
अर्थ
मुनिराज ने प्रसन्न होकर कहा--छोटे भाई शत्रुघ्न और समाज सहित भरतजी श्रीरामचन्द्रजी के विरह में व्याकुल हैं, इन की पहुनाई करके इन के श्रम को दूर करो।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार” प्रकरण का दोहा २१३ है। इस प्रकरण में महर्षि भरद्वाज द्वारा भरत और उनके साथियों का दिव्य तपोबल से अद्भुत सत्कार का वर्णन है।
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भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार