कहेउ कृपाल भानुकुलनाथा
कहेउ कृपाल भानुकुलनाथा
चौपाई २, दोहा ६८ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
कहेउ कृपाल भानुकुलनाथा। परिहरि सोचु चलहु बन साथा॥ नहिं बिषाद कर अवसरु आजू। बेगि करहु बन गवन समाजू॥ २ ॥
अर्थ
तब कृपालु, सूर्यकुल के स्वामी श्रीरामचन्द्रजी ने कहा कि सोच छोड़कर मेरे साथ वन को चलो। आज विषाद करने का अवसर नहीं है। तुरंत वनगमन की तैयारी करो।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीसीता-राम-संवाद” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ६८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी का वनगमन का दृढ़ निश्चय और श्रीराम से प्रेमपूर्ण संवाद का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीसीता-राम-संवाद