जथा जोगु करि बिनय प्रनामा

चौपाई ४, दोहा ३१९ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

जथा जोगु करि बिनय प्रनामा। बिदा किए सब सानुज रामा॥ नारि पुरुष लघु मध्य बड़ेरे। सब सनमानि कृपानिधि फेरे॥ ४ ॥

अर्थ

सबको छोटे भाई लक्ष्मणजी सहित श्रीरामचन्द्रजी ने यथायोग्य विनय एवं प्रणाम करके विदा किया। कृपानिधान श्रीरामचन्द्रजी ने छोटे, मध्यम (मझले) और बड़े सभी श्रेणी के स्त्री-पुरुषों का सम्मान करके उनको लौटाया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरत की वापसी, पादुका स्थापना, नंदिग्राम निवास” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३१९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरतजी की अयोध्या वापसी, पादुका स्थापना, नंदिग्राम निवास और भरत-चरित्र श्रवण की महिमा का वर्णन है।

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भरत की वापसी, पादुका स्थापना, नंदिग्राम निवास