हम सब धन्य सहित परिवारा
हम सब धन्य सहित परिवारा
चौपाई २, दोहा १३६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
हम सब धन्य सहित परिवारा। दीख दरसु भरि नयन तुम्हारा॥ कीन्ह बासु भल ठाउँ बिचारी। इहाँ सकल रितु रहब सुखारी॥ २ ॥
अर्थ
हम सब भी अपने परिवारसहित धन्य हैं, जिन्होंने नेत्र भरकर आपका दर्शन किया। आपने बड़ी अच्छी जगह विचारकर निवास किया है। यहाँ सभी ऋतुओं में आप सुखी रहियेगा।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १३६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चित्रकूट में श्रीराम के निवास और कोल-भीलों की प्रेमपूर्ण सेवा का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा