नीलोत्पल तन स्याम काम कोटि सोभा
नीलोत्पल तन स्याम काम कोटि सोभा
सोरठा ३० (ख) · किष्किन्धाकाण्ड
सोरठा पाठ
नीलोत्पल तन स्याम काम कोटि सोभा अधिक। सुनिअ तासु गुन ग्राम जासु नाम अघ खग बधिक॥ ३० (ख) ॥
अर्थ
जिनका नीले कमल के समान श्याम शरीर है, जिनकी शोभा करोड़ों कामदेवों से भी अधिक है और जिनका नाम पापरूपी पक्षियों को मारने के लिये बधिक (व्याध) के समान है, उन श्रीराम के गुणों के समूह (लीला) को अवश्य सुनना चाहिये।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “श्रीरामगुण का माहात्म्य” प्रकरण का सोरठा ३० (ख) है। इस प्रकरण में श्रीराम के दिव्य गुणों, यश और भक्ति-महिमा का गान का वर्णन है।
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श्रीरामगुण का माहात्म्य