कह सुग्रीव सुनहु रघुबीरा
कह सुग्रीव सुनहु रघुबीरा
चौपाई ६, दोहा ७ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड
चौपाई पाठ
कह सुग्रीव सुनहु रघुबीरा। बालि महाबल अति रनधीरा॥ दुंदुभि अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए॥ ६ ॥
अर्थ
सुग्रीव ने कहा—हे रघुवीर! सुनिए, बालि महान् बलवान् और अत्यन्त रणधीर है। फिर सुग्रीव ने श्रीरामजी को दुन्दुभि राक्षस की हड्डियाँ और ताल के वृक्ष दिखलाये। श्रीरघुनाथजी ने उन्हें बिना ही परिश्रम के (आसानी से) ढहा दिया।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “सुग्रीव का दुःख और बालि वध की प्रतिज्ञा” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुग्रीव का दुःख-संवाद, बालि वध की प्रतिज्ञा और सच्चे मित्र के लक्षणों पर श्रीराम का उपदेश का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
सुग्रीव का दुःख और बालि वध की प्रतिज्ञा