एतना करहु तात तुम्ह जाई

चौपाई ६, दोहा ३० के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

एतना करहु तात तुम्ह जाई। सीतहि देखि कहहु सुधि आई॥ तब निज भुज बल राजिवनैना। कौतुक लागि संग कपि सेना॥ ६ ॥

अर्थ

[जाम्बवान् ने कहा--] हे तात! तुम जाकर इतना ही करो कि सीताजी को देखकर लौट आओ और उनकी खबर कह दो। फिर कमलनयन श्रीरामजी अपने बाहुबल से [ही राक्षसों का संहार कर सीताजी को ले आयेंगे, केवल] खेल के लिये ही वे वानरों की सेना साथ लेंगे।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “जांबवंत का हनुमानजी को उत्साहित करना” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ३० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में जांबवंत द्वारा हनुमानजी को उनका अपार बल और सामर्थ्य याद दिलाकर समुद्र लांघने के लिए प्रेरित करने का वर्णन है।

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जांबवंत का हनुमानजी को उत्साहित करना